![]() |
आज सुबह से सादाब का चेहरा रुखा नहीं लग रहा। उसने मुझे बताया कि उसकी अम्मी ने उसे हौंसला रखने को कहा है। वह उसे अच्छी तरह याद रहता है, लेकिन वक्त उसका हौंसला तोड़ता है। वक्त से लड़ने की ताकत किसी में नहीं। सादाब ने कई जबाव मुस्कराहट के साथ दिये।
ऐसा क्यों होता है कि किसी की मुस्कान आपके चेहरे की खोई रौनक लौटा देती है। हमें एहसास करा देती है कि हम अभी भी खिल सकते हैं। उन लोगों के साथ मित्रता किसी के जीवन को बदल सकती है जो सुख-दुख में एक समान रहते हैं। वे हर छोटी उपलब्धि का जश्न मनाने से नहीं चूकते। उन्हें लगता है कि हंसी-खुशी जीवन को बेहतर बना सकती है। ऐसा ही होता है जब हम उन लोगों से मुखातिब होते हैं जो हमें मुस्कराहट का मतलब बताते हैं।
मैं खुद को देखता हूं तो पाता हूं कि क्या मैं जीना भूल गया? क्योंकि मैं हंसना भी भूल गया।
जीवन तो जीवन है। यह आया है जाने के लिए। एक हवा का झोंका आया और हम वहां नहीं थे। पता नहीं क्यों नीरसता पीछा नहीं छोड़ती?
मन को उग्र और शांत करने के तरीके हमारे पास मौजूद हैं। हम उनका कितना उपयोग कर पाते हैं, यह हम स्वयं नहीं जानते। यह लिखते हुए सहज लगता है कि मन बैरागी हो गया। यह कहते हुए सहज लगता है कि हम कुंठा से पार पा सकते हैं। मेरा विचार है कि खुद की ऊर्जा को अच्छी तरह पहचाना जाए ताकि हर परेशानी का हल निकल सके। लेकिन मैं ऐसा करने में असमर्थ हूं। यह उतना आसान भी तो नहीं। अक्सर कुछ चीजें देखने में अच्छी लगती हैं, कहने में भी, लेकिन जब करने की बारी आती है तो उनसे पीछा छुड़ाने का मन करता है।
मन ये कहता है, मन वह कहता है। मन का काम ही कहना है। उसकी मान मानकर इंसान क्या से क्या हो जाता है। मेरी सोच यह कहती है मन के आगे हम बेबस हैं। यह बिल्कुल गलत नहीं है। मन की गलतियां इंसान को भुगतनी पड़ती हैं। आखिर हम इतने बेबस क्यों बनाए गए हैं? हमारे भीतर का इंसान कभी कमजोर है, तो कभी ताकतवर बन जाता है। यह अजीब ही तो है।
बाहर का प्रभाव हमें अंदर तक प्रभावित करता है। वह वक्त किसी भी तरह से उतना बेहतर नहीं कहा जा सकता।
-to be contd....
-harminder singh
![[jail+diary.jpg]](http://3.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/Sx8FB_my4rI/AAAAAAAAAd4/AtYAg_m7GdM/s1600/jail%2Bdiary.jpg)


![[ghar+se+school.png]](http://1.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/SysSnmfZwdI/AAAAAAAAAfU/zBH-tIL1uI4/s1600/ghar%2Bse%2Bschool.png)
![[horam+singh.jpg]](http://4.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/SCXZ6V8DDqI/AAAAAAAAABk/MYvpzA6mUNk/s1600/horam%2Bsingh.jpg)
![[ARUN+DR.jpg]](http://2.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/SCculh2OPYI/AAAAAAAAABs/K_Zt4zQjLps/s1600/ARUN%2BDR.jpg)
![[old.jpg]](http://2.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/SCnmrB2OPZI/AAAAAAAAAB0/XDS6N-mPMYk/s1600/old.jpg)
![[kisna.jpg]](http://1.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/SDMMgR2OPhI/AAAAAAAAAC0/NrUFfXd3yZI/s1600/kisna.jpg)

![[vradhgram_logo_1.png]](http://1.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/StnRxC01-NI/AAAAAAAAAa4/kjWy16EIUJU/s1600/vradhgram_logo_1.png)

![[boodhi+kaki+kehete+hai_vradhgram.jpg]](http://3.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/StNPkUm8vrI/AAAAAAAAAX4/ApDlS22Xcy4/s1600/boodhi%2Bkaki%2Bkehete%2Bhai_vradhgram.jpg)

![[NIRMAL+SINGH.jpg]](http://4.bp.blogspot.com/_sgKEjCsbZQw/SCyICx2OPdI/AAAAAAAAACU/uS6Uk_tDz-k/s1600/NIRMAL%2BSINGH.jpg)

विचारणीय प्रस्तुती / सार्थक प्रयास /
ReplyDelete